रविवार, 28 अक्टूबर 2012

विजयादशमी की शुभकामनाएँ 

सत्य के साधक बनें हम ।
शुचिता के धारक बनें हम ।
कर समर्पित अपना सब कुछ ,
राष्ट्र आराधक बनें हम ।।

मंगलवार, 20 मार्च 2012

राहुल राग पर नाचती दिल्ली ताल बेताल .
डूबा विदेश निवेश है , लंग डाया लोक पाल ..
प्रशंसनीय या चिंतनीय मनमोहन का मौन .
गांधारी की आँख से खोले पट्टी कौन..
अनु - शासन हरता रहा लोकपाल का चीर .
मोहन मौन बैठे रहे धीर धरे गंभीर..
लोकपाल की आग पर.सभी सेंकते हाथ.
करनी देख दलों की झुका देश का माथ..
ममता जिसके पक्ष , क्यों ? उसे विपक्ष की चाह .
तृणमूल कंटक बना , गठबंधन की राह ..